गरोठ
राष्ट्रीय पर्व पर दान कर जागरूकता का संकल्प लिया। कम उम्र मे देहदान कर नगर के युवा ओर वरिष्ठ जनो को जागरूक किया। जिसके परिणाम स्वरूप एवं खुश होकर गरोठ से समाज सेवी राजेश जी चौधरी एवं उनकी धर्म पत्नी सहित गिरजा शंकर शर्मा ने अपनी मृत्यु पश्चात देहदान की घोषणा कर संकल्प लिया। एवं भारत विकास परिषद को देहदान का घोषणा पत्र दिया। 15 अगस्त 2025 को मुकेश पिता श्री सालीगरामजी मेहर निवासी गरोठ द्वारा घोषणा कर दी मेरी मृत्यु पश्चात रीति रिवाज़ पूर्ण कर मेरा शरीर अनुसंधान केंद्र मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया जाय। इसका संकल्प लिया की नागरिकों को अंगदान ओर देहदान के लिए प्रेरित कर जागरूक करूंगा। मृत्यु से पहले 11 देहदान ओर 11 अंगदान के नागरिकों को प्रेरित कर घोषणा करवाऊंगा। मेरे स्वयं के देहदान के निर्णय से खुश होकर चौधरी परिवार सहित अन्य नागरिक जिन्होंने देहदान की घोषणा करी। सभी का कृषि उपज मंडी प्रांगण मे राष्ट्रीय पर्व पर शाल श्रीफल ओर माला पहनाकर सम्मान किया। वैज्ञानिक युग के बदले दौर मे साइंस को अपनी टेक्नोलाजी मे प्रेक्टिस के लिए मानव शरीर उपलब्ध नहीं होना बहुत गंभीर विषय हे। अच्छे चिकित्सा ओर सफलता के लिए मानव शरीर पर आपरेशन एवं अन्य प्रेक्टिस करने से हादसे मे गंभीर लोगो की मदद ओर स्वास्थ्य लाभ मिलने मे मदद मिलेगी।भारत के कई राज्य ओर मेडिकल कॉलेज मे प्रेक्टिस ओर अध्ययन के लिए मानव अंग एवं शरीर की बहुत आवश्यकता हे।मेने वर्ष भर रिसर्च किया की हम ज़ब भी मुसीबत मे होते तो डॉक्टर एवं मेडिकल कॉलेज से अच्छे ईलाज ओर सफल ऑपरेशन की उम्मीद रखते लेकिन उनको प्रेक्टिस ओर जरुरत प्रेक्टिक्ल के लिए मानव शरीर की जरूरत जो दस हजार मे केवल दो व्यक्ति दान करते हे।
इसलिए मेने देहदान घोषणा कर जागरूकता का संकल्प लिया। मेरी मृत्यु पश्चात अपना सम्पूर्ण शरीर रिती रिवाज़ पूर्ण कर अनुसंधान केंद्र मेडिकल कॉलेज को सौंपा जाए। आमजन को भी स्वयं ओर परिवार की सहमति लेकर जरुरत मंद लोगो को अपने अंग एवं देहदान कर मेडिकल साइंस ओर चिकित्सा जगत क्रांति मे नई ऊर्जा ओर आयाम स्थापित किए जा सकते हे।
