चार दिन की रिमांड के बाद उज्जैन पुलिस ने जबलपुर में मारा छापा

वक्फ कमेटी को फर्जी दस्तावेज से ब्लैकमेल करने का मामला


जबलपुर। प्रदेश में वक़्फ़ संपत्तियों को लेकर हो रही सख़्त कार्रवाई के बीच जबलपुर में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने एडवोकेट तक़मील नासिर एवं प्यारे मियां के घर पर छापा मारा है। आरोप है कि तक़मील नासिर ने शौकत ख़ान के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए और उनका इस्तेमाल वक़्फ़ कमेटियों को ब्लैकमेल करने में किया। अधिकारियों का कहना है कि मामले में विस्तृत जांच की जा रही है, आरोपियों को पकड़कर जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

क्या है पूरा मामला..?
दरअसल खाराकुआं थाना पुलिस ने वक्फ बोर्ड मस्जिद व मजार मदारगेट कमेटी के उपाध्यक्ष हारुन नागौरी को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर से गिरोह के तीन सदस्यों अय्यूब अहमद खान, सलीम खान और अमजद हुसैन को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को विशेष टीम बनाकर दबोचा गया और उज्जैन लाकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318, 338, 336(3), 308(7) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से प्रदेशभर में वक्फ कमेटियों को टारगेट कर अवैध वसूली और फर्जीवाड़े की गतिविधियों में सक्रिय था।

कैसे खुला मामला?
11 सितंबर को मदारगेट वक्फ समिति के उपाध्यक्ष हारुन नागौरी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों और झूठी शिकायतों के जरिए उन्हें और समिति को परेशान कर रहे हैं। जांच में यह साबित हुआ कि लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार थे।

गिरोह की करतूतें
-फर्जी शपथ पत्र बनाकर हाईकोर्ट में गलत याचिका दाखिल करना।
-वक्फ संपत्तियों पर दबाव बनाकर दुकानों का अवैध आवंटन कराने की कोशिश।
-विभिन्न थानों और अदालतों में झूठी शिकायतें दाखिल करना।
-वक्फ कमेटियों को ब्लैकमेल कर पैसों की वसूली करना।

हाईकोर्ट तक पहुंचा फर्जीवाड़ा
इस गिरोह ने 8 जुलाई को इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में भी एक फर्जी शपथ पत्र दाखिल कर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। जांच में यह याचिका पूरी तरह झूठी निकली।

रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह में कई लोग शामिल हैं और जानकारी के अनुसार आरोपियों ने रिमांड क दौरान सौकत खान, तकमील नासिर, प्यारे खान के नाम का खुलासा किया है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार करने में गिरोह को सहयोग करते थे। फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है. और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

रिपोर्ट: आदाब खान, नेशनल कोऑर्डिनेटर — प्रदेश दस्तक

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