सोहागपुर के अहमद रज़ा बने इलाके के पहले आलिम, जामिया तुल मदीना जबलपुर से मुकम्मल की तालीम

संवाददाता आदाब खान, प्रदेश दस्तक, सोहागपुर

सोहागपुर। क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है कि यहां के युवा मौलाना अहमद रज़ा ने इस्लामी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। वे नगर के पहले ऐसे आलिम बने हैं जिन्होंने अपनी उच्च इस्लामी तालीम मदरसा जामिया तुल मदीना फैज़ान-ए-बुरहान-ए-मिल्लत, जबलपुर से मुकम्मल की है।

मौलाना अहमद रज़ा ने लगभग 6 से 7 वर्षों की कठिन और गहन शिक्षा के बाद यह मुकाम हासिल किया। इस दौरान उन्होंने कुरआन की तफ़सीर, हदीस, फिक़्ह और अरबी ज़बान जैसे अहम इस्लामी विषयों की गहराई से तालीम हासिल की। बताया जाता है कि आलिम कोर्स इस्लामी शिक्षा की सबसे प्रतिष्ठित पढ़ाई में से एक मानी जाती है, जिसमें विद्यार्थियों को धार्मिक ज्ञान के साथ जीवन के नैतिक मूल्यों और समाज में सेवा की भावना भी सिखाई जाती है। अहमद रज़ा ने अपनी मेहनत, लगन और इल्म के जज़्बे से इस मुकाम को पाया है। स्थानीय लोगों ने इस उपलब्धि पर उन्हें दिल से मुबारकबाद दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की दुआ की है। बताया गया कि मौलाना अहमद रज़ा के वालिद क्षेत्र के प्रसिद्ध लोअर व्यापारी हैं। अहमद रज़ा ने सिर्फ 11 वर्ष की उम्र में मदरसे का रुख किया था। उन्होंने जबलपुर में हॉस्टल में रहकर तालीम हासिल की और अपनी लगन से आज यह सम्मान प्राप्त किया।

अब मौलाना अहमद रज़ा आगे मुफ़्ती का कोर्स करने जा रहे हैं, ताकि वे इस्लामी कानून और शरीयत के गहरे अध्ययन में निपुणता हासिल कर सकें।

इस सफलता के साथ सोहागपुर का नाम धार्मिक और शैक्षणिक जगत में एक नई पहचान बना रहा है। स्थानीय समाजसेवियों और धार्मिक संस्थाओं ने इसे पूरे इलाके के लिए गर्व का क्षण बताया है।


संवाददाता आदाब खान, प्रदेश दस्तक, सोहागपुर

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