कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की आस्था का अनोखा उदाहरण
संवाददाता आदाब खान, प्रदेश दस्तक, सोहागपुर
सोहागपुर। कार्तिक पूर्णिमा का पावन पर्व नदांचल क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन मां नर्मदा के तटों पर हजारों श्रद्धालु स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं और भंडारों के आयोजन के माध्यम से धार्मिक उत्साह का परिचय देते हैं।
इसी आस्था के प्रतीक के रूप में सोहागपुर के दो श्रद्धालु — दीपेश साहू और गोपाल बंशकार ने दंडवत यात्रा प्रारंभ की है। दोनों श्रद्धालु नगर के सुभाष वार्ड के निवासी हैं और यह उनका दूसरा दंडवत यात्रा का संकल्प है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कार्तिक पूर्णिमा के एक दिन पहले रेवा बनखेड़ी नर्मदा घाट पहुँचेंगे, जहाँ बुधवार को मां नर्मदा में पवित्र स्नान कर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
नर्मदा तटों पर इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु एकत्र होकर दीपदान, पूजन और सत्संग में शामिल होंगे। श्रद्धालुओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा का यह पर्व आत्मशुद्धि, सेवा और श्रद्धा का प्रतीक है, जिसे पूरे भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है।
नदांचल क्षेत्र के हर घाट पर इस दिन भक्तों का उत्साह चरम पर रहता है, और मां नर्मदा की जयघोष से सम्पूर्ण वातावरण पवित्र हो उठता है।
संवाददाता आदाब खान, प्रदेश दस्तक, सोहागपुर
